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Tuesday, July 14, 2026
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बड़ी खबर : एलिवेटेड रोड से दून से दिल्ली जाने वाले यात्री कृपया ध्यान दें

 

 

– दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर चरण-4 (गणेशपुर-देहरादून सेक्शन) पर ढलान स्थिरीकरण कार्य हेतु यातायात डायवर्जन योजना लागू 

डायवर्जन योजना 

 

दिल्ली एवं सहारनपुर की ओर जाने वाला यातायात 

 

दिल्ली एवं सहारनपुर की ओर जाने वाले वाहनों को डाट काली टनल (RHS) पार करने के बाद पुराने हाईवे सेक्शन पर डायवर्ट किया जाएगा।

लगभग 1.3 किलोमीटर पुराने हाईवे मार्ग का उपयोग करने के पश्चात यातायात को पुनः दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के RHS कैरिजवे (14+650) पर वापस लाया जाएगा। 

                             

देहरादून की ओर जाने वाला यातायातः

देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों को किलोमीटर 14+650 पर लेफ्ट हैंड साइड (LHS) कैरिजवे से राइट हैंड साइड (RHS) कैरिजवे पर डायवर्ट किया जाएगा।

इसके बाद लगभग 1.250 किलोमीटर तक यातायात RHS कैरिजवे पर संचालित होगा। तत्पश्चात डाट काली टनल (LHS) से पहले किलोमीटर 15+900 पर यातायात को पुनः LHS कैरिजवे पर स्थानांतरित किया जाएगा। 

यह डायवर्जन व्यवस्था 22 मई 2026 से लागू होकर 08 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। हाईवे का शेष भाग यातायात के सुरक्षित संचालन हेतु खुला रहेगा। यातायात संचालन एवं यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए 24 घंटे फ्लैगमैन तैनात किए जाएंगे। 

परियोजना का नाम: भारतमाला परियोजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड राज्य में डिज़ाइन चैनज 0+000 (गणेशपुर) से डिज़ाइन चैनज 19+785 (आशारोड़ी) तक एनएच-72ए के गणेशपुर-देहरादून सेक्शन का छह-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे निर्माण कार्य।

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का गणेशपुर-देहरादून सेक्शन पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस सेक्शन के कुछ हिस्सों के चौड़ीकरण कार्य में पहाड़ों की कटिंग की गई है।

हाईवे पर पत्थरों के गिरने की आशंका को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा संवेदनशील स्थानों पर पहले ही स्टोन कैचर लगाए जा चुके हैं।

सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से NHAI द्वारा अब ढलान स्थिरीकरण (Slope Stabilization) कार्य कराने की योजना बनाई गई है।

इसके लिए अतिरिक्त वन भूमि भी डायवर्ट की गई है। आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद यह कार्य 22 मई 2025 से प्रारंभ किया जाएगा तथा वर्षा ऋतु से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रस्तावित कार्यों के अंतर्गत पहाड़ी ढलानों की स्क्रैलिंग एवं अतिरिक्त मलबे (Overburden Material) को हटाने का कार्य किया जाएगा।

इन कार्यों के दौरान यातायात की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हाईवे के लगभग 1.250 किलोमीटर हिस्से पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा।

 

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