देहरादून। राज्य आंदोलनकारी नवनीत गुसाई की अंत्येष्टि के समय कोई भी सरकारी अधिकारी उपस्थित नहीं था। इससे तमाम आंदोलनकारियों में रोष व्याप्त है। इस संबंध में वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मोहन खत्री ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
सेवा में,
मा. मुख्यमंत्री महोदय
उत्तराखंड सरकार,
देहरादून
आदरणीय महोदय,
आज दिनांक 13 जुलाई 2026 को राज्य आन्दोलनकारी श्री नवनीत गुसांई का आकस्मिक निधन हुआ परन्तु खेद का विषय है कि उनकी अत्येष्टि के अवसर पर कोई भी सरकारी अधिकारी उपस्थित नहीं थे।
स्व. श्री नवनीत गुसाई की अत्येष्ठि में सम्मिलित लोगों को इस बात से काफी आश्चर्य हुआ तथा उन्होंने एक मत से सहमति जताई कि चिन्हित राज्य आन्दोलनकारियों के निधन पर उन्हें राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी जानी चाहिए।
महोदय, राज्य निर्माण को 26 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं तथा राज्य निर्माण में राज्य निर्माण आन्दोलनकारियों की महती भूमिका रही है जिनके त्याग एवं बलिदान से राज्य का गठन संभव हो पाया है।
अतः आपसे आग्रह है कि राज्य निर्माण आन्दोलन के सिपाहियों की मृत्यु पर उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दिये जाने हेतु मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव पास करवाने का कष्ट करें।
धन्यवाद,
(मोहन सिंह खत्री)
वरिष्ठ राज्य आन्दोलनकारी