देहरादून। शहर के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद अरोड़ा को इंडियन सोसाइटी ऑफ कॉर्निया एंड केराटोरिफ्रैक्टिव सर्जन्स (ISCKRS) के प्रतिष्ठित वार्षिक सम्मेलन में *ISCKRS रिफ्रैक्टिव ओरेशन* प्रदान करने हेतु आमंत्रित किया गया।
यह ओरेशन सम्मेलन के सर्वोच्च सम्मानों में से एक है, जो रिफ्रैक्टिव सर्जरी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों को प्रदान किया जाता है।
इस अवसर पर डॉ. अरोड़ा ने डॉ. प्रज्ञा वेंकटेश, डॉ. कमरान रियाज़ (यू.एस.ए.) एवं डॉ. क्रिस्टोफर लियू (यू.के.) जैसे विश्वस्तरीय वक्ताओं के साथ मंच साझा किया।
इस सम्मान पर डॉ. अरोड़ा ने कहा, ISCKRS रिफ्रैक्टिव ओरेशन देने का अवसर मिलना मेरे लिए अत्यंत गौरव की बात है। विश्व भर के प्रतिष्ठित वक्ताओं के साथ मंच साझा करना और रिफ्रैक्टिव सर्जरी पर अपने अनुभव साझा करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा यह मंच ज्ञान के सार्थक आदान-प्रदान का अवसर देता है, जिससे अंततः रोगियों की देखभाल को लाभ मिलता है। उन्होंने इस मान्यता के लिए आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया।
डॉ. अरोड़ा को केराटोकोनस के कस्टमाइज्ड उपचार पर उनके अग्रणी कार्य के लिए भी जाना जाता है। इस उपचार ने इन रोगियों के लिए नई आशा जगाई है। अब तक केराटोकोनस का उपचार केवल रोग की प्रगति को रोकने तक सीमित था।
डॉ. अरोड़ा द्वारा विकसित कस्टमाइज्ड कॉर्नियल क्रॉस-लिंकिंग तकनीक न केवल केराटोकोनस को स्थिर करती है, बल्कि कॉर्निया की सतह को नियमित कर रोगियों का रिफ्रैक्टिव पुनर्वास भी संभव बनाती है और वह भी बिना किसी ऊतक को हटाए।
उन्नत रिफ्रैक्टिव और मोतियाबिंद सर्जरी में अपने विशिष्ट योगदान के कारण डॉ. अरोड़ा का चयन राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उत्तराखंड के नेत्र चिकित्सकों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
देहरादून के चिकित्सा जगत ने डॉ. अरोड़ा को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।