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चार धाम यात्रा : मंदिरों में प्रसाद नहीं चढ़ा सकेंगे श्रद्धालु, तिलक लगाने पर भी मनाही

 

उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने जारी की मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी)

देहरादून: 17 सितंबर। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है। इसके लिए देवस्थानम बोर्ड की ओर से एसओपी जारी कर दी गई है। इसके तहत चार धाम में श्रद्धालु मंदिरों में प्रसाद नहीं चढ़ा सकेंगे। तिलक लगाने पर भी मनाही है। साथ ही गर्म कुंडों में स्नान करना भी मना है। 

उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा बृहस्पतिवार को उत्तराखंड चारधाम यात्रा से रोक हटाये जाने के बाद उत्तराखंड शासन के धर्मास्व विभाग द्वारा एसओपी जारी होने के बाद देर शाम उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने भी अपनी एसओपी जारी कर दी है।

आयुक्त गढ़वाल एवं उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रविनाथ रमन ने मानक प्रचालन प्रक्रिया ( एसओपी) जारी करते हुए बताया कि शासन द्वारा जारी एसओपी का पूर्ण अनुपालन किया जायेगा।

एसओपी में कई महत्त्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। जिसमें कहा गया है कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय/ निर्दश एवं शासन द्वारा जारी एसओपी का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। कोरोना बचाव मानको, सामाजिक दूरी, मास्क, सेनिटाईज तथा थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य किया गया है।

न्यायालय के निर्देशों के आलोक में चारों धामों में से श्री बदरीनाथ‌ धाम में प्रतिदिन 1000( एक हजार), श्री केदारनाथ हेतु 800( आठ सौ), श्री गंगोत्री हेतु 600(छ: सौ) श्री यमुनोत्री धाम हेतु 400 ( चार सौ ) श्रृद्धालु दर्शन‌ हेतु पहुंच सकेंगे।

प्रत्येक तीर्थयात्री को 72 घंटे पहले की कोरोना आरटीपीसीआर नैगेटिव रिपोर्ट अथवा कोरोना वैक्सीनेशन के दोनों टीके लगे होने का सर्टिफिकेट जरूरी होगा।

ऐसे राज्य जो कि कोरोना की दृष्टि से संवेदनशील हैं वहां के तीर्थयात्रियों को 72 घंटे के अंतराल की कोरोना नैगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य होगी।
प्रत्येक तीर्थयात्रियों को पंजीकरण/यात्रा ई -पास हेतु देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट www.devasthanam.uk.gov.in पर अपनी आईडी प्रुफ एवं कोविड नैगटिव रिपोर्ट अथवा वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा।

बच्चों एवं बीमार, एवं अति बृद्ध जो बीमारी से ग्रस्त हैं उन्हें यात्रा हेतु अनुमति नहीं हैं।

मंदिर में दर्शन हेतु एक बार में तीन श्रद्धालु ही प्रवेश‌ करेंगे।
सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दर्शन करेंगे।

मंदिर में मूर्तियों को छूना, किसी तरह लेपन, घंटियों को स्पर्श करना की मनाही रहेगी।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि तीर्थ यात्री देवस्थानमों की पूजाओ में सामाजिक दूरी के साथ शामिल होंगे लेकिन उन्हें मंदिर के गर्भ गृहों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

किसी भी सहायता एवं मार्गदर्शन हेतु देवस्थानम बोर्ड के अधिकारियों कर्मचारियों से संपर्क किया जा सकता है।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि इस यात्रा वर्ष श्री केदारनाथ धाम के कपाट 17 मई, श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई, श्री यमुनोत्री धाम के 14 मई,श्री गंगोत्री के धाम के 15 मई को खुले। अभी भी चारधाम यात्रा हेतु डेढ़ से दो महीने का समय शेष है।

चारधाम यात्रा शुरू होते ही तीर्थ यात्री पंच बदरी तथा पंच केदारों में द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी, तृतीय केदार तुंगनाथ एवं चतुर्थ केदार श्री रूद्रनाथ यात्रा हेतु भी पहुंचेगे।

कोरोना महामारी को देखते हुए उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अभी तक चारधाम यात्रा स्थगित रही इस दौरान चारधाम यात्रा शुरू करने हेतु राज्य सरकार एवं देवस्थानम बोर्ड की पहल पर उच्च न्यायालय ने चारधाम यात्रा की अनुमति दे दी। अभी चारधाम यात्रा नवंबर मध्य तक चलेगी। जिसका आम जनमानस द्वारा स्वागत किया जा रहा है।

 

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