देहरादून। श्री चैतन्य गौड़ीय मठ परिसर में मंगला आरती की ध्वनि के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। प्रत्येक भक्त ने राधा रानी की आराधना में आनंद का अनुभव किया।
प्रातः 9:00 बजे श्री राधा रानी महिमा गुणगान कीर्तन आरंभ हुआ जो दोपहर ठीक 12:00 राधा रानी के अभिषेक दर्शन तक चलता रहा। बड़ी संख्या में भक्तों ने राधा रानी के अभिषेक दर्शन किए । पंचामृत अभिषेक के दौरान “राधा रानी बरसाने वाली तेरी जय होवे” ‘राधे राधे करुणा करो” कीर्तन से पूरा माहौल भक्ति भाव से भर गया।

साल में एक बार होने वाले चरण दर्शन को देखकर भक्त बहुत भावुक दिखाई दिए। राधा रानी के करीब से दर्शन कर कई भक्तों की नेत्र प्रेममय भक्ति के आंसुओं से भर गए।

राधा रानी के विशेष श्रृंगार ने सब का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान कथा करते हुए त्रिदंडी महाराज ने कहां बिना राधा रानी की कृपा के श्री कृष्ण की कृपा प्राप्त नहीं कर सकते हैं।

मठ रक्षक त्यागी महाराज ने बताया आध्यात्मिक मान्यता के अनुसार राधा रानी को गोपनीय स्वरूप माना जाता है उनके चरण पूरे साल ढके रहते हैं केवल राधा अष्टमी के दिन ही उनके चरण दर्शन का सुअवसर प्राप्त होता है।




