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Thursday, August 6, 2026
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‘ 21 राज्यों के 500 से अधिक छात्रों ने चुना देहरादून का लाॅ काॅलेज ‘ 

 

 

– दुनिया विश्वविद्यालयों को उम्मीद की किरण के तौर पर देखती है : अंकिता 

– नवागन्तुक छात्रों के स्वागत में आज दीक्षारम्भ कार्यक्रम 

देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय की विधि संकाय लाॅ काॅलेज देहरादून एवं स्कूल ऑफ एपलाईड एण्ड लाइफ साइंस के नवागन्तुक छात्रों के स्वागत में आज दीक्षारम्भ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

विश्वविद्यालय की उपाध्यक्षा सुश्री अंकिता जोशी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जबकि उपकुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे। 

कार्यक्रम में जहाँ एक ओर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ नवागंतुुकों का स्वागत हुआ वहीं दूसरी ओर उन्हें विश्वविद्यालय व उनके व्यवसाय की स्वस्थ परम्पराओं से भी अवगत कराया गया।

देश के 21 राज्यों के 500 से अधिक छात्रों ने चुना लाॅ काॅलेज देहरादून को। ये रहे प्रदेश – अरूणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छतीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखण्ड, कर्नाटका, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड व वेस्ट बंगाल। 

अपने सम्बोधन में उपाध्यक्षा सुश्री अंकिता जोशी ने कहा चाहे संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना हो या पर्यावरण व स्वास्थ्य संकटों का समाधान ढ़ूढ़ना हो, दुनिया विश्वविद्यालयों को उम्मीद की किरण के तौर पर देखती है।

उन्होेेंने छात्रों से कहा बाहर की दुनिया में असंख्य चुनौतियाँ है। आपको पढ़ाई के साथ-साथ अच्छी इंटर्नशिप व व्यक्तित्व विकास को अपना लक्ष्य बनाना चाहिए।

देशभर से छात्रों द्वारा लाॅ काॅलेज देहरादून के चुनाव को उन्होंने विशेष उपलब्धि बताया। उन्होंने इसका प्रथम श्रेय काॅलेज के समर्पित शिक्षकों को दिया।

अपने सम्बोधन में प्रो. राजेश बहुगुणा ने विधि के छात्रों से अपील की कि वे न्याय के इंसानी पहलू को जिंदा रखते हुए समय से आगे रहे। उन्होंने छात्रों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान से अवगत रहने की सलाह दी।

प्रो. अजय सिंह ने कहा नई शिक्षा नीति के द्वारा देश में समावेशी, रोजगार परख व सार्वभोमिक विकास शिक्षा की नींव रखी गई है।

उन्होंने छात्रों को शोध को विकसित करने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं से अवगत कराया और इन सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने की सलाह दी।

अपने सम्बोधन में काॅलेज की प्राचार्य प्रो. पूनम रावत ने छात्रों का स्वागत करते हुए कहा उच्च शिक्षा में प्रवेश के साथ-साथ आप यह भी ध्यान रखें कि पढ़ाई के साथ-साथ जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने विधि की शिक्षा को सर्वोत्तम व्यावसायिक शिक्षा बताया।

इस अवसर पर काॅलेज के विभागाध्यक्ष प्रो.. राधेश्याम झा, प्रो. वी. भुवनेश्वरी, प्रो. वीके श्रीवास्तव, प्रो. विशेष शर्मा, डा. प्रितेश व्यास, डा. इन्द्रा, डा. अभिरंजन दीक्षित, अमित कुमार, डा. प्रेरणा कैन्थोला, जगत नारायण, डा. एश्वर्या सिंह, नंदनी मजुमदार, नावेद मिर्जा नाव्या रघुनाथन सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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