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Saturday, August 8, 2026
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छात्राओं को मानसिक रूप से भी जागरूक होना जरूरी : डॉ. रक्षा रतूड़ी

 

 

– देहरादून में “तरुणी गोष्ठी” का आयोजन, मातृशक्ति जागरण एवं बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास पर विशेष संवाद 

देहरादून। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, देहरादून में “तरुणी गोष्ठी” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 200 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का उद्देश्य मातृशक्ति जागरण, बालिकाओं के आत्मविश्वास निर्माण, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य, संस्कार, नशामुक्ति जागरूकता तथा जीवन मूल्यों के प्रति छात्राओं को जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (आयुष) डॉ. रक्षा रतूड़ी रहीं। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा आज के बदलते सामाजिक परिवेश में बालिकाओं को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि आत्मपहचान, आत्मरक्षा, आत्मविश्वास और मानसिक सशक्तिकरण की भी अत्यंत आवश्यकता है। 

 

उन्होंने छात्राओं को नारी शक्ति के वास्तविक स्वरूप से परिचित कराते हुए बताया कि प्रत्येक बालिका में अपार क्षमता और नेतृत्व शक्ति निहित होती है। 

डॉ. रतूड़ी ने अपने उद्बोधन में समाज निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका, स्वतंत्रता एवं स्वच्छंदता के अंतर, “स्व” के भाव एवं आत्मपहचान, किशोरियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, संस्कार एवं सांस्कृतिक मूल्यों, नशामुक्ति जागरूकता तथा करियर मार्गदर्शन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारण, आत्मानुशासन और सही मार्गदर्शन ही सफलता की कुंजी है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भी अत्यंत रुचि एवं गंभीरता के साथ संवाद में भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न रखे।

 कार्यक्रम में छात्राओं के भीतर उत्साह, जागरूकता और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से देखने को मिला। विद्यालय के प्रधानाचार्य चौहान ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा वर्तमान समय में इस प्रकार की काउंसलिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा आज की किशोरियों को सही दिशा, संस्कार और मानसिक मजबूती प्रदान करने के लिए समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम विद्यालयों में आयोजित होते रहने चाहिएं। 

प्रधानाचार्य ने कहा बदलते सामाजिक परिवेश में छात्राओं को केवल पुस्तक ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कार्यक्रम को विद्यालय एवं छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरक बताया। 

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा डॉ. रक्षा रतूड़ी का आभार व्यक्त किया गया तथा छात्राओं ने भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शक कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की। 

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