– श्री चैतन्य गौड़ीय मठ में हरिनाम संकीर्तन सम्मेलन का दूसरा दिन
देहरादून। अखिल भारतीय श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के आचार्य स्वामी विष्णु महाराज ने कहा कर्म, ज्ञान, योग से स्वर्ग और मोक्ष मिल जाएगा। लेकिन भगवान की प्राप्ति केवल भक्ति से ही संभव है।
आचार्य विष्णु महाराज ने यह विचार डीएल रोड स्थित श्री चैतन्य गौड़ीय मठ में चल रहे हरिनाम संकीर्तन सम्मेलन के दूसरे दिन अपने प्रवचन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा भक्ति, संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ होता है सेवा अथवा प्यार।
उन्होंने कहा भगवान सर्वशक्तिमान हैं। वह सभी प्राणियों को बहुत प्यार करते हैं। स्वाभाविक है जैसे माता-पिता अपने बच्चों को स्नेह करते हैं अगर कमी है तो सिर्फ हमारी तरफ से ही है। अगर हम भी भगवान से प्यार करें तो हमारे और भगवान के संबंध बहुत नजदीक हो जाएंगे, जिसमें भगवान से बातचीत, भगवान की सेवा इत्यादि बहुत आसान हो जाता है।
मठ के आचार्य ने कहा हमारे ऐसे कई आचार्य हुए हैं, जिनकी इस जगत में रहते हुए भी भगवान के साथ बातचीत होती थी। इसलिए भगवान की प्राप्ति का एकमात्र साधन सेवा और प्यार है अर्थात भक्ति।
निरीह महाराज ने कथा में एकादशी व्रत का वर्णन किया। उन्होंने कहा एकादशी ऐसा व्रत है, जिसका पालन करने से सभी व्रतों के फल की प्राप्ति हो जाती है।

